Amaavasya is today, December 6th.


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Telecast schedule

Recordings of Prabhu Kripa Dukh Nivaran Conventions are broadcast:

In USA:

  • NDTV Imagine channel everyday at 8:00 am (Eastern Time)
  • TV Asia channel everyday at 8:00 am (Eastern Time)

In Canada:

  • NDTV Imagine everyday at 8:00 am (Eastern Time)
  • TV Asia channel everyday at 8:00 am (Eastern Time)

Revered Mahamandleshwar Brahmrishi Shree Kumar Swami Ji being honoured with a Proclamation by Hon'ble Mayor Richard Edwards, City of Bowling Green, Ohio, USA

Revered Mahamandleshwar Brahmrishi Shree Kumar Swami Ji being honoured with a Proclamation by Hon'ble Mayor Richard Edwards, City of Bowling Green, Ohio, USA

Revered Sadgurudevji being honoured with special recognition by senior official from offices of Hon'ble Robert E. Latta, Member of Congress, U.S. House of Representatives

Revered Sadgurudevji being honoured with special recognition by senior official from offices of Hon'ble Robert E. Latta, Member of Congress, U.S. House of Representatives

In Media - News24 story on New Jersey Honor

Grand Honor 10/27/13 in Mauritius

BBC Interview

29th April Declared by New York State Senate as Brahmrishi Shri Kumar Swami ji Day

Grand honor 5/2/11 in New York State Senate

दुख निवारण के लिए हासिल किया बीज मंत्र

जागरण सहयोगी, जालंधर जैसे-जैसे वर्कशाप चौक स्थित न्यू ग्रेन मार्किट नजदीक आ रही थी भक्ति रस सेसराबोर वातावरण मन को मधुर शुद्धता का एहसास करवा रहा था। हजारों की संख्या में मधुर भजनों पर झूम रहे श्रद्धालुओं को इंतजार था केवल परम पूज्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी जी के दर्शनों का। जैसे ही कुमार स्वामी जी मंच पर पहुंचे, श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। फिर भक्तिरस की ऐसी बयार चली जो देर रात तक जारी रही। शहर में 360वें अद्भुत होली दुख निवारण महा समागम में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ आस्था का प्रमाण दे रही थी। जिस तरफ देखो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ चुका था। देश भर से आए श्रद्धालुओं ने लगातार दो दिन तक श्रद्धा के सागर में डुबकी लगाई। न्यू ग्रेन मार्किट में बिल्डिंगों की छत्तों पर चढ़कर भक्तों ने कुमार स्वामी के दर्शन किए। लगभग रात 9 बजे मंच पर पहुंचते ही कुमार स्वामी ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। जिसके उपरांत पूजा-पाठ का दौर चला। पाठ के बाद उन्होंने होली की नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए मंत्र का उच्चारण करवाया। उन्होंने कहा कि इस मंत्र का प्रयोग सफाई व शुद्धता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेदों, शास्त्रों व सनातन रहस्य में अद्भुत शक्ति है। इस उपरांत ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी ने इच्छुक श्रद्धालुओं को स्पैशल कमरे में दुख निवारण बीज मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि विश्वास के साथ किसी भी मिशन को हासिल किया जा सकता है। इस मौके पर बलदेव राज चावला, एडीसी राजीव कुमार, नवांशहर के बीडीपीओ राजेश चढ्डा, असिस्टेंट अटार्नी रवि सरीन, ब्रिगेडियर राजिंदर देसाई, एएसपी सतनाम सिंह, एडीसीपी बलकार सिंह, नरेश डोगरा, राम कौर, ललित सिंगला, मदन लाल, जिला अटार्नी मलकीयत दुग्गल व कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

(Hindi news from Dainik Jagran, news state Punjab Jalandhar City Desk)

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आपके कष्टों को हरने आया हूं

चंडीगढ़, जागरण संवाददाता। प्रभु कृपा दुख निवारण 325वां समागम में दिव्य बीज मंत्र लेने के लिए दूसरे दिन भी देश व विदेश से हजारों श्रद्धालु चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित एक्सीबिशन ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी ने सभी को बीज मंत्र दिए और उनकी सफलता के लिए कामना की। उधर, पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा कि मैं यहां केवल आपके कष्टों, दुखों, समस्याओं और असाध्य रोगों का शास्त्रोक्त विधि से समाधान प्रदान करने आया हूं। आप सब रोग मुक्त हों और अपना जीवन आनंद से जीएं, यहीं मेरा एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दिव्य पाठ की शक्तियों का साक्षात्कार आज विश्व के 50 करोड़ लोग कर रहे हैं। पश्चिमी जगत के तो वैज्ञानिक व बुद्धिजीवी धर्म को नहीं मानते थे वे भी प्रभु कृपा के इस आलोक को सहज ढंग से मान रहे हैं। कुमार स्वामी जी ने कहा कि दिव्य पाठ कोई जादू या चमत्कार नहीं है बल्कि प्रभु कृपा का वह आलोक है जो हमारी सनातन मर्यादा के शास्त्रों में छुपा हुआ था। उन्होंने कहा कि मैं आपको वही दे रहा हूं जो प्रभु की कृपा से मैंने प्राप्त किया है। कुछ समय के पाठ से आप स्वयं देखेंगे कि आपका जीवन कैसे बदल रहा है। आपकी तन, मन, धन की समस्याएं कैसे दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रभु कृपा का यह आलोक इतना शक्तिशाली है कि कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आदि-अनादि काल से अंधेरे और प्रकाश का जो लोक है वो अलग-अलग लोक है। किसी ने आत्मा को प्रकाश कहा है, किसी ने परमात्मा को प्रकाश कहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परमात्मा को नहीं देखा है अध्यात्म को, चमत्कार को नहीं देखा है, मंत्रों की शक्ति को नहीं जाना है वे कैसे इस तथ्य को स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन मर्यादा के इस आलोक में किसी भी संकट का समाधान संभव है। मात्र 10-15 मिनट निरतर करने से इसान कर जीवन हर प्रकार के रोगों, कष्टों और बाधाओं से मुक्त हो जाएगा। इस मौके पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। चेन्नई से राजकौशन ने कहा कि वह तीन दिन से यहां हैं। उनका पैर खराब था दिव्य बीज मंत्र लेने से अब वे बिलकुल ठीक हैं। यही कारण हैं कि उनका पूरा परिवार स्वामी जी के दर्शन के लिए यहां आया है। मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

धर्म सिखाता है प्रेम, हिंसा नहीं

चंडीगढ़, जागरण संवाददाता। जब परमात्मा और प्रकृति एक हैं तो हम धर्म के नाम पर अलग क्यों हो जाते हैं? धर्म हमें प्रेम सिखाता है, मगर हम धर्म के नाम पर शस्त्र उठा लेते हैं। यह बात ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने कही। प्रभु कृपा दुख निवारण के 325वें समागम में दिव्य बीज मंत्र लेने के लिए देश व विदेश से हजारों श्रद्धालु सेक्टर-34 स्थित एक्सीबिशन ग्राउंड में पहुंचे। ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने बीज मंत्र दिए। स्वामी जी ने कहा कि विभिन्न शास्त्रों में जो मंत्र दिए गए हैं वे बहुत प्रभावशाली हैं, मगर उन्हें पासवर्ड द्वारा ही खोला जा सकता है। सुख-दुख की विवेचना करते हुए वह बोले कि आज आदमी दुखी हैं, क्योंकि वह केवल लेना जानता है। उसे पता नहीं है कि देने में कितना सुख मिलता है। लोग कमाना तो जानते हैं, मगर लुटाना नहीं जानते इसलिए दुखी रहते हैं। वह बोले कि विश्व में अनेक धर्मो और मतों को मानने वाले लोग हैं, मगर सबका सार एक ही है, लेकिन हमने धर्म के मूल को समझने की बजाय परमात्मा को ही बांट दिया है। पर क्या हम परमात्मा को बांट सकते हैं? जब प्रकृति, उसके सूरज, चांद, वायु, आकाश सभी धर्मो के लोगों के हैं तो अल्लाह, ईश्वर, जीसस और वाहेगुरु अलग कैसे हो गए? यदि हिंदू किसी मस्जिद में जाकर प्रार्थना करे तो क्या अल्लाह उसकी पुकार नहीं सुनेगा? मुस्लिम की प्रार्थना क्या मंदिर का ईश्वर नहीं सुनेगा? सूर्य का कोई धर्म नहीं है, वह सभी धर्मो का है। उसका एकमात्र ध्येय मानव मात्र को प्रकाश प्रदान करना है। बीज मंत्र ने बदला जीवन मद्रास से आए रामकार ने बताया कि जबसे उसने बीज मंत्र लिया है उसे हर काम में सफलता ही मिली है। एक बार तो गुरु के बीजमंत्र ने मौत से बचाया। तमिलनाडु के राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह हार्ट के मरीज थे, वह अब ठीक हैं। मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

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foreign news

सभी धर्मों का सार एक: ब्रहर्षि कुमार स्वामी

Guruji sitting

चौमुहां। श्री लक्ष्मी नारायन शक्ति पीठ वृंदावन धाम में वैशाखी के अवसर पर आयोजित 330वें प्रभु कृपा दु:ख निवारण समागम के पहले दिन ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने लोगों के दु:ख निवारण के अनूठे रहस्य बताए। शनिवार देर रात उन्होंने कहा कि प्रभु कृपा कोई चमत्कार नहीं, बल्कि कृपा का वह प्रारूप है। इसके करने से लोगों के सहजता से कष्ट एवं दुखों का निवारण हो जाता है। प्रभु नाम वह औषधि है, जिसे लेने से मनुष्य समस्त कष्टों से विरत होकर तन, मन व धन से अभिभूत हो जाता है।

श्रद्धालुओं से खचाखच भरे समागम में प्रभु कृपा और दु:ख निवारण के उपाय बताते समय ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा कि विश्व में अनेक धर्मों व मतों को मानने वाले लोग हैं। मगर सबका सार है एक। हमने धर्म के मूल का समझने के बजाय परमात्मा को ही बांट दिया है। पर क्या हम परमात्मा को कभी बांट सकते हैं। जब प्रकृति, उसके सूरज, चांद, वायु, आकाश सभी धर्मों के लोगों का पालन करते हैं तो अल्लाह, ईश्वर, जीसस, और वाहे गुरु अलग कैसे हो गए।

सूर्य का कोई धर्म नहीं है, वह सभी धर्मों का है। उसका एकमात्र ध्येय है पूरी प्रकृति को प्रकाश देना। जब परमात्मा प्रकृति एक हैं तो हम सब धर्म के नाम पर अलग क्यों हो जाते है। आश्चर्य की बात है कि हर धर्म के परमात्मा हमें प्रेम और करुणा का संदेश ही देते हैं। मगर हम प्रेम को भूलकर लड़ने पर आमदा रहते हैं। धर्म हमें प्रेम सिखाता है, मगर हम सब धर्म के नाम पर शस्त्र उठा लेते हैं। आज विश्व में धर्मों की भरमार है, मगर व्यक्ति फिर भी तनाव और दु:खों में जीने का विवश है।

सभी धर्मों के शास्त्र अद्भुत शक्तियों से भरे हैं। इन शास्त्रों में मानव कल्याण की संकल्पना छिपी है, न कि किसी धर्म विशेष की। सनातन मर्यादा के सभी शास्त्र समूची मानवता के हैं। कुरान-ए- पाक में अल्लाह, और परमात्मा की कृपा का जो आलोक है, वह हर धर्म के लोगों के लिए समान है।

स्वामी जी ने कहा कि अभी हाल में न्यूयार्क सीनेट एवं यूके की पार्लियामेंट में उन्हें मिला विशेष सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं बल्कि भारत की पुरातन मर्यादा का सम्मान है। आज पूरे विश्व में करीब 50 करोड़ लोग बीज मंत्रों का नित्य नियम से पाठ कर लाभ अर्जित कर रहें हैं। गुरुदास ने बताया कि रविवार को प्रसिद्ध सिने तारिका हेमा मालिनी बालकृष्ण लीलाओं का मंचन करेंगी। समागम में रामायण, महाभारत सीरियल के कलाकार भी भाग लेंगे।


Seva in USA

Upcoming 2018 Samagams



13-14 October, 4PM
Badi Brahmna, near
Police Check Post,
National Highway, Jammu

All are cordially invited.
Helpline: 011-49945995